Rajgarh में ग्रामीणों का अनोखा प्रदर्शन, ढोल-नगाड़ों के साथ भ्रष्टाचार की शिकायत करने पहुंचे
राजगढ़। राजगढ़ जिले की खुजनेर तहसील स्थित घोड़ाखेड़ा ग्राम पंचायत में कथित करोड़ों रुपए के वित्तीय घोटाले को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया। मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण ढोल-ढमाकों के साथ कलेक्टोरेट पहुंचे और जनसुनवाई में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर पंचायत में हुए विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच की मांग की। ग्रामीणों ने सरपंच और ग्राम रोजगार सहायक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी उठाई।
ग्रामीणों का आरोप है कि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, पांचवां राज्य वित्त आयोग, स्टांप शुल्क, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन और आरजीपीएसए जैसी योजनाओं में भारी अनियमितताएं हुई हैं। उनका कहना है कि कई निर्माण कार्य केवल कागजों में पूरे दिखाए गए, जबकि मौके पर उनका कोई अस्तित्व नहीं है। इससे शासन की लाखों-करोड़ों रुपए की राशि का दुरुपयोग हुआ है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इसी वजह से उन्होंने अनोखे अंदाज में ढोल-ढमाकों के साथ विरोध प्रदर्शन कर प्रशासन का ध्यान खींचा।
ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें

ज्ञापन में ग्रामीणों ने चार प्रमुख मांगें रखीं। इनमें पंचायत के सभी विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन, योजनाओं के खर्च की तकनीकी और वित्तीय जांच, दोषी पाए जाने पर सरपंच व रोजगार सहायक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने तथा गबन की गई शासकीय राशि की वसूली शामिल है। प्रदर्शन में गोपाल पटेल, सुरेश, मांगीलाल, बाबूलाल, दुर्गेश, गोविंद और रामचंद्र भिलाला समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच और कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा।
